Kunnublog News & Updates
Sunday, September 28, 2008
अलविदा ब्लागरो, फीर कभी और मीलेंगे (आखरी बार मूलाकात)
अभी जाता हूं, कभी और आउंगा
आप सब से कोई सिकायत नही।
सायद अगली बार हिन्दी भी ठीक हो जाएगा।
.........अगले साल
...आऊंगा....
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.....
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Sunday, September 21, 2008
वेबसाईट लेने से पहले क्या देखें(अलग टाईप की जानकारी जो बहुत कम लोग जानते हैं)
सिर्फ कम पैसे ज्यादा बैंडविथ बैंडविथ लेने से सोच रहे हैं कि मै ठगा नही गया तो ये गलत सोच रहे हैं ये भी हो सक्ता है की जो Rs.500 मे वेबसाईट लीये हैं और उसमे आपको कई चीज ज्यादा मील रहा हो पर मेरे नजरीये से वो वेबसाईट Rs.0 का भी नही हो सक्ता है। वो कैसे?
साईट का अपटाईम बहुत खतरनाक हो सक्ता है
साईट तो ले लीये पर कई घंटो तक आपका साईट रात को या दोपहर को आपका साईट आफलाईन हो सक्ता है। यानी आपका साईट कोई खोल नही पाएगा।
ईससे आपका साईट कूल एक साल मे करीब 2 हफ्ता या 1 महीने तक बंद रह सक्ता है।
साईट जब नही खूले कोई error भी नही दे तो उसे साईट का " Down Time " कहा जाता है।
डाउनटाईम एक दीन मे ज्यादा नही होना चाहीये।
साईट लेने से पहले कैसे चेक करें की जहां से वेबसाईट ले रहें हैं उसका UPTIME ठीक है।
जहां से भी साईट ले रहें हैं उस होस्टींग कंपनी का वेब पता यहां क्लिक कर के डाल दें।
रीज्लट ok आया तो ठीक है पर ये तो उसके अपने साईट का राज खोलेगा। ये बताएगा की वो होस्टिंग कंपनी कीतना ठीक है।
वेबस्पेस देने वाले अपनी साईटों पर अपने कई कस्टूमरो के वेबपता भी दे देते हैं आप उन मे से एक साईट का डाउनटाईम 5-7 दीनो तक का देखें ईसके लीये यहां क्लिक कर के 30 दिन ट्रायल मानीटर कर सक्ते हैं। ईसमे जब भी वो वेबसाईट डाउनटाईम जाएगा आपको खबर मील जाएगा।
जो नही देते उनको गूगल मे तालास सक्ते हैं।
धोखे से बचें?
कई साईटें वादा करते हैं की 100% uptime देंगे पर 100% uptime पूरा करना नामूंकीन है। यदी 100% देंगे तो सर्वर मेंटेनेंस कब करेंगे?
Rs.100 मे डामेन?
सौ रूपये का डामेन भी मीलता है पर खरीदने के बाद आपको वेबस्पेस भी लेना पडेगा जो की Rs.700 रख देते हैं।*(लग गया आपको चूना :) )
घर के पास डामेन?
घर के पास डामेन लेने के कई फायदे हैं और दूर लेने से पैसे को फेकने ईतना बराबर हो सक्ता है।
अब अगर आप जहां आराम से जा सक्ते हैं वहां से उस कंपनी के साथ आपकी नजदीकीयां बढेंगी और कूछ गडबडी हूवा तो सिधे उनके पास आ धमकीये और खाना,पानी मांगीये वो जीतनी ज्लदी होगा आपके समस्या को हल कर
दूर लेंगे और अगर एक महीने बाद डामेन डीलीट कर दे तो? क्या कर लेंगे?
एग्रीमेंट की(TOS) सर्ते पढना जरूरी क्यो की क्या पता आप जीस तरह की साईट बना रहे हैं वो उस तरह की साईटों को डीलीट कर देता हो जैसे youtube की तरह साईट
जो सोच लीया वही करें
एक बार मन मे बना लीया की एसा साईट बनाना है तो बना दें पर ये ना करें कि साईट बना के फीर सोचें की ईस तरह की नही उस तरह की साईट बनानी है
टाईम की बर्बादी?
ज्यादा समय नही लगाए साईट को बनाने में। और एक ही बार मे कोई भी आसमान तक नही पहूंच सक्ता। ईस लीये धीरे धीरे बढीया और अच्छी कवालीटी का कांटेंट डालें
साईट को अब फैलाना चालऊ कर दें जैसे फ्री सब्मीट(ईससे पेज रेंक दो महीने के अंदर मील जाएगा PR2)
कभी भी मत हारें आपका साईट चलेगा क्यो की आपसे भी बेकार कांटेंट रखने वाले भी आज आगे हैं तो आप क्यो नही आगे हो सक्ते हैं
"जब तक काम के लीये दील मे प्यार नही हो कोई काबील नही बनता"
बाकी मौज मस्ती करें और एक पैक मार भी सक्ते हैं :)))))
Friday, September 19, 2008
एक अभीयान आपके खातीर, ब्लागर भाईयो और उनकी बहनों, मूझे माफ कर दें
ब्लाग जगत मे असांती फैल्ता जा रहा है। और एसा प्रतीत होता है की हम कूछ नही कर सक्ते। पर अगर कोई सोच ले उसे कूछ करना है तो वो कर सक्ता है। कूछ भी नामूंकीन नही है
क्या आपको पता है अगर आप किसी के उप्पर उल्टा सिधा लीखते हैं तो आपको 20-25 लोगो कि टिप्पनीयां तो मील जाएगी पर जरा अपने मात्रु भाषा कि तो सोचीये उसको कितना नूकशान होगा। 70-80 विजीटर भी आ जाऎंगे।
तो क्या आप कूछ चंद टिप्पनीयों के लीये किसी को हटा देंगे, उसे ब्लागिंग छोणने के लिये मजबूर कर देंगे। अगर हां तो आप अपने मात्रु भाषा को मार रहे हैं।
अपने जमिर को खो कर, दूसरो को चोट पहूंचाकर कभी कूछ पाने कि मत सोचो।
वो तूम्हारा भाई या बहन ही है कोई दूशमन नही..
"हिन्दी हैं हम,
हिन्दी वतन है हमारा.."
मै ये कभी नही चाहूंगा कि किसी को दूख पहूंचाकर या चोट दे कर मूझे कोई टिप्पनी दे या वाह-वाही दे।
माफि दे दें मूझे
यदी मेरे वजह से किसी को दूख हूवा है रो वो माफ कर दे मूझे। यदि कहेंगे तो मनाने भी आ जाऊंगा
("तेरा दिल जब भी कोई दूखाएगा याद तूझको मेरा प्यार आएगा.....")
अगर आपने भी किसी को कूछ गलत बोला है तो आप भी माफी मांग लें।
अभीयान है सांती फैलाने का, और कैसे फैलाना है.. हर ब्लागर को सीधा और सरीफ बनाना है।
मस्त प्लान सूझा है ईसे देख लें तो हिन्दीजगत मे सांती कायम हो जाएगा।
क्यो ना बडे ब्लागर ईसके लीये कूछ करें जैसे कोई किसी को अप-शब्द कहता किसी। को बदनाम करने के लीये कोई पोस्ट लीखता है तो बडे ब्लागर उसको वो पोस्ट हटाने का अनूरोध कर सक्ते हैं या उसका ब्रेनवास कर सक्ते हैं(ई-मेल से)
अब बडे ब्लागरो के वाणी मे बहुत दम है और ये सब जानते हैं।अगर ऎसा नही होता तो हम भी कर सक्ते हैं। अगर वो किसी पर किचड उछालता है तो हम उसका एक साथ विरोध कर सक्ते हैं और कह सक्ते हैं कि एसा मत करो।ये गलत है।
जो नही मानते हैं उनसे यही अनूरोध करता हूं कि किसी को चोट मत पहूंचाओ। मेरा ब्लाग ही आपको ये सब करने से रोक सक्ता है तो मेरा ब्लाग ही ले लें।
आप मेरे ईस अभीयान को बढा सक्ते हैं। आखीर हिन्दी के अभीमान और हिन्दी के विकाश की बात है तो आप ईस पोस्ट का कूछ भी करें। चाहे कापी पेस्ट करें या कूछ करें। मै हिन्दी के लीये ईतना तो करूगा ही।
आप हिन्दी के विकाश के लीये क्या कर रहे हैं?
घोस्ट बस्टर ने धोखा दिया, सभी ब्लागरो को

ये देखीये उडन- तशतरी जी का हालमार्क वाला बाक्स भी दिखाए। अब उडन-तशतरी जी का हालमार्क देख कर सोचा साफ्टवेयर बनाने मे उडनतशतरी जी की भी मीलीभगत होगी
जीप फाईल खोला तो .pdf फाईल मे कूछ लीखा मीला जो
Thursday, September 18, 2008
पसिना आता है यानी कोई बिमारी है, पसिने से छूटकारा कैसे पाऐं
और बताउंगा "क्या करें की पसीना ना आए"

आप धूप मे नीकलते हैं और ज्लद ही पसीने से भीग जाते हैं। या आपके साथ कोई और भी नीकला है और सब्से पहले आप पसीने से भीग जाते हैं ज्बकी साथ वाला एकदम भी नही भीगता है तो समझीये की आपको कोई बीमारी है।
अब अगर आप गर्मी के दीन मे ठंड के कपडे पहन के नीकलेंगे तब तो आपका कूछ नही हो सक्ता :)
ये कमजोरी से भी होता है।
कौन कौन सि बीमारीयां हो सक्ती है?
1. गले की बीमारी जैसे सांस लेने मे तकलीफ
2. खून का साफ ना होना
3. सारीरीक गडबडी - डीसआर्डर
4. डायबीटीज
5. कमजोरी [चोरी करने पर भी पसीना आता है :) ]
6. मै डाक्टर थोडे ना हूं।
एक है Hyperhidrosis
Hyperhidrosis एक बडा वजह है। जैसे एक्जाम देते समय चींता होती है या एक्जाम के डर से, चींता की स्थीती में। अब आप समझ गै होंगे की डर से, हल्की सी गर्मी से, बाहर, मीटींग मे, लोगो से मील्ते वक्त, अनकंफर्टेबल फील करते वक्त(बहुत से लोग हों जहां)
कभी कभी कूछ बात सून कर होस उड जाता है। जैसे की अभी उडा हूवा है।
ईसका ईलाज भी है। सर्जरी कर्वाना। अगर सर्जरी करवा रहें है तो अच्छे और अनूभवी सर्जन से ही सर्जरी करवाऎं। सर्जरी करवाना बहुत महंगा पडता है।
डाक्टर से दीखवाना नही भूलें क्यो की जरूरी नही है की आपको कूछ हूवा ही है।
कहीं बाहर हैं और अचानक खूब पसीना आने लगे तो क्या करेंगे। कीसी ठंढे जगह की तलास करने लगते हैं। और मील जाता है तो लगता है की कीतना सीर गरम हो गया है।
कीसी के साथ गै हैं और खूब पलान बनाया है की खूब मजे करेंगे, नाचेंगे,झूमेंगे गाऎंगे और कूछ नया करेंगे, कूछ कर के दीखाएंगे, खूब खाऎंगे और मौज उडाऎंगे। और फीर आपको लगता है की कीतना गर्मी है। धीरे धीरे गर्मी बढने लगती है(एसा सीर्फ आपके साथ हो रहा है) और फीर एक बूद,दो बूंद ऎसे ही करते करते सर्ट गीली हो जाती है। और पूरा गिला हो जाते हैं। और सारा मजा खत्म हो जाता है।
पर अब नही होगा क्यो की कुन्नूब्लाग पढ के गै हैं तो खूब मजे करेंगे और हर चीज मे टेकनीक खोजेंगे।
क्या करें की पसीना नही आए?
हो सके तो डाक्टर को जरूर दिखाऎं
चलीये अब बता ही देता हूं कि क्या करना है
1. सफेद सादा सर्ट औ सादा पैंट।
2. मौसम के अनूसार ही कपडे पहने। कभी भी बेकार टाईप के कपडे नही पहने ये और परेसान कर देते हैं। बेकार कपडो में जैसे खूब मोटा कपडा, पलास्टीक टाईप वाला, एक दम बंद टाईप का।
3. काला रंग का कपडा गर्मी खीचता है।
4. फ्रीज का पानी, ठंढा पानी पीयें अपने को जीतना ठंढा रखेंगे उतना ही अच्छा रहेगा।
ठंढे फल सब्जीयां खाएं।
5. अपने घर को ठंढा रखें। साफ जगह पर रहें। घर को साफ रखें।
6. रोज नहाने से पसीना आना कम हो जाता है। ये आपको ज्यादा पसीना आने से रोकता है।
7. कभी तो नहा लीया करीये :)
8. ज्यादा गरम खाना नही खाऎं। भारत मे गरम चावल खाने का पूराना आदत है। अभी चावल बना नही की वहीं से चट कर जाते हैं। एक दम ठंढा भी खाना नही खाए। नार्मल गरम खाना खाऎं।
9. क्या आप कोई डीयोड्रेनट लगाते हैं। हो सक्ता है आपको पसीना डीयोड्रेन्ट लगाने से ही आ रहा हो क्यो की सायद वो रीयेक्सन करता हो।
10. एक होता है जेनेटीक "पीढीयो से चल्ता आ रहा होता है" ये आम होता है। पर डाक्टर को दिखाना जरूरी होता है।
एक कहानी बताता हूं।
एक आदमी खूब अमीर रहता है। उसको रोज अवने व्यापार के सिल्सीले में बाहरी देसो मे जाना होता है। एक ही उसका काम होता है। सूबह 4 बजे उठता है। अपने कंपनी के लीये कूछ कागज पर लीखता है। मीटाता है फीर लीखता है। और फीर मीटाता है। ईसी तरह एक घंटा बीत्ता है और 1 घंटा तैयार होने मे लगाता है। वही दीन वही रात। ना खाने की फीकर ना सोने की। उसका एक छोटा बच्चा जो उसी की तरह है। वो देखता रहता है की उसके पापा आते हैं जाते हैं। घर मे कीसी से ना कोई मजाक होता है और ना कूछ। कूछ बोल्ते भी हैं तो सिर्फ काम से। उस्का बेटा ईन आदतो से परेसान होता है। वो कभी कीसी को खूश होते हूवे नही देखा है।
एक दिन पूरी फैमली प्लेन से दूसरे देश जा रही थी। तभी प्लेन से धूवा नीकलने लगा। ईस धूवे से अजीब सा गंध आ रहा था। उस वक्त आग बूझाने के सामग्री छीडक दीये। पर कूछ देर बाद और तेज होने लगा। और कूछ देर बीतने के बाद और तेज हो गया।
सब डर गै ईसमे वो आदमी भी था जो हमेसा काम, और चींता मे रहता था। सायद वो आदमी ही पहले डरा था। वह सोच रहा था अभी तो जीया ही नही। जीने का समय तो अभी आने वाला है। क्या मेरी एक गल्ती कोई जींदगी ले सक्ती है.... अब धूवे से सब परेसान हो गए थे। हवा नही मीलने की वजह से सारे लोग बेहोस हो गए थे। हवा लेने के लीये आक्सीजन होता है पर एसी सथीती मे एसा नही करना चाहीये। आग लगने का डर होता है।
पलेन मे बैठा वो आदमी और उसका परीवार एक दूसरे को देख रहे थे और अजानक एक एक करके आखों से ओझल होते गै। और बाद मे उस आदमी ने कहा मेरी वजह से तूम सब मर रहे हो क्यो की मै चींता मे थी और टायलेट मे जल्ती हूई सीग्रेट गल्ती से उहीं बीना बूझाए फेक दीया।
अब तक प्लेन पूरी तरह से तहस नहस हो गया था।
कोई भी जींदगी नही बची थी। सब समाप्त हो गया था अंत मे वो आदमी मरता हूवा सोच रहा था काश एक और जींदगी मील जाती, मै अब से जीयूंगा। खूब जीऊंगा, कोई चींता नही करूंगा। ऐसे जैसे मूटठी मेज माना। -> सब चींताए छोडो और खूल के जीये, ये मत सोचो क्या खोए हो और क्या पाए हो, चंद पैसे के पीछे मत मरो, मेरे प्यारे ब्लागरो खूश रहो और दूसरो को भी खूश करो।
यदी आप चाहते हैं की पसीना दीखे नही हो कलर फूल कपडे पहने और जो डार्क हो वही पहनें।
एक सूचना: हिन्दी मे मै लीखता तो हूं पर मै एक दम सही मांत्रा नही लगा सक्ते। कई ब्लागर मूझे ईसके लीये बोल चूके हैं।
अब जो मै नही सूधार सक्ता उसके लीये बोलने का क्या फायदा।
ब्लागर बता भी देते हैं की मैने "कि" को "की" लीखा है। आपको अगर समझ आ गया है की मैने क्या लीखा है तो सूधारने का कोई फायदा नही। मै बच्पन से ही हिन्दी मे बहुत माहीर और तेज हूं। उन ब्लागरो से छमा चाहूंगा जीनहे मेरा ब्लाग पढने मे दिक्कत होता है। मै हिन्दी मे सूधार कर रहा हूं। एक्जांपल के लीये पहले मै "सक्ते" को "सकते" लीखता था पर अब "सक्ते" लीखता हूं और भी
Wednesday, September 17, 2008
उंगली से भी छोटा बंदर मीला (फोटो) सन्सनी खबर है
विशवास नही होता ना? तो देखीये फोटो भी है।
जब देखा तो मन कीया की काश सामने होता कीतना मजा आता।
जब ईतना छोटा एक बंदर है तो उसका छोटा भाई कीतना छोटा है।
अभी पूस्ती नही हूई है की बंदर है या बंदरीया
ये रहा एक फोटो
अरे कंप्यूटर पर मूझे देख रहे हो। मै सच मे बहुत छोटा हूं।
और सबूत दू क्या या आपके मानीटर से बाहर आना पडेगा
Tuesday, September 16, 2008
उंगली से भी छोटा बंदर मीला (फोटो) सनसनी खबर है
विशवास नही होता ना? तो देखीये फोटो भी है।
जब देखा तो मन कीया की काश सामने होता कीतना मजा आता।
जब ईतना छोटा एक बंदर है तो उसका छोटा भाई कीतना छोटा है।
अभी पूस्ती नही हूई है की बंदर है या बंदरीया
ये रहा एक फोटो
अरे कंप्यूटर पर मूझे देख रहे हो। मै सच मे बहुत छोटा हूं।
और सबूत दू क्या या आपके मानीटर से बाहर आना पडेगा
Monday, September 15, 2008
Hack: ईस नाम के फोलडर नही बना सक्ते पर मै बना के दीखाउंगा
जरा con नाम का फोलडर बना दे दीखा दो तो मान जाऊंगा की आप उस्ताद हैं।
नही बना सक्ते ना। हा...हा ट्राई करते रहीये पर बन नही पाएगा।
अब मै बताता हूं कैसे उस नाम के फोलडर बन जाऎंगे जीसे आप बनाते बनाते थक जाएंगे।
तो चलीये अब हम Start Menu मे Run पर क्लिक करते हैं अब cmd लीख कर ओके कर दें।
command promt खूल जाए तो टाईप करें cd.. और एन्टर दबा दें फीर cd.. टाईप कर के एन्टर दबाऎं।
अब कमांड प्रोम्ट मे एसा लीखा मीलेगा C:\>
आपको टाईप करना है C:\>md\\.\e:\con अब ईसके con क्या है? कोन फोल्डर का नाम है जो आप बना रहे हैं। और e ड्राईव का नाम है। आप e के जगह पर c,d,f दे सक्ते हैं। या जहां भी फोलडर बनाना है उस्का लोकेसन दे दें।
अब ईसे डीलीट करना चाह रहे हैं तो ये कमांड टाईप कर दें डीलीट हो जाएगा C:\>rd\\.\e:\con
कूछ मजेदार Jokes (चूटकुल्ले)
चोर को मैने भागाया
एक चोर मेरा मोबाईल ले के भाग रहा था।
मै भागते चोर पर चिल्लाया
"भाग जा, भाग जा चार्जर तो मेरे पास है।
संता ट्रेन मे सोया नही
संता -> यार मै ट्रेन मे कल सारी रात सो नही पाया
बंता -> क्यों क्या हूवा?
संता -> अरे यार वो उप्पर कि बर्थ मील गई थी
बंता -> तुने बदली क्यो नहीं
संता -> नीचे की बर्थ पर कोई था ही नही, बता बर्थ किससे बदलता।
ये कंप्यूटर आपका दिमाग पढ लेगा।
तो चलीये अभी पता चल जाता है की आप क्या सोच रहे हैं
5......
4......
3......
2......
1......
0.....
Error...... "दिमाग नही मीला"
फीर कभी कोशीस कीजीयेगा। मीले तो बोलीयेगा मै भी अपना चेक कर लूंगा।
Sunday, September 14, 2008
बिना पढे टिप्पनी देना कहां तक सही है?
ये लीखा "महेंद्र मिश्रा" जी ने। मेरे पिछले पोस्ट पर "मेरा ब्लोग पढने वाला तो बम धमाको मे मर गया, अब किसका वीरोध करूं?" यहां ईनके विरोधा-भाष कमेंट देने से पहले सायद ईनहोने पढा नही है कि मैने क्या लीखा है।
मैने ये नही लीखा है की पढने वाला मर गया है और वो आप ही हैं
मैने लीखा है की वो पढता होगा। आतंकवाद की वजह से उसका घर,परीवार छीन गया।उसके घर वाले कैसे रह सकेंगे उसके बीना। उसका बेटा होगा।
मै आतंकवाद की क्रुरता पर लीखा है
अपको वो पोस्ट पढने के बाद ही सही से पता चलेगा की क्या लीखना चाहता हूं। उन लेखों को दो शब्द मे नही बता सक्ता।
ना जाने क्यो कोई किसी को जगाना चाहता है तो उसे सूलाने वाले ज्यादा आ जाते हैं।
Saturday, September 13, 2008
मेरा ब्लोग पढने वाला तो बम धमाको मे मर गया, अब किसका वीरोध करूं?
अब किसका विरोध करूं
मै लीखता था और वो पढ के खूश होता था और उसकी खूशी मे ही मेरा खूशी था
अब कौन? कहेगा वाह बहुत अच्छा लीखे
क्यो की उसे तो उन आतंकवादीयो ने मार दीया जो ये भी नही सोचते की एक को मारुंगा
तो उसके घर का क्या होगा, कैसे जीयेंगे उसके घर वाले?
किसी के काम आता होगा, किसी कंपनी की सान होगा
या कोई गरीब, बेघर होगा जो एक रोटी के लीये गया होगा उस जगह जहां बम धमाका हूवा।
क्या तूम उसे पहोचादोगे उसके घर
क्या तूम लौटा दोगे?
कैसे देश के प्रेमी हो तूम?
क्या वतन से प्यार है तूमहे
मै जानता हूं तूमहे तूमहारे दिल मे देश से बहुत प्यार है
ईतना की वक्त आने पर काम आओगे
मर के भी दूशमनो को मार जाओगे
आखीर ये देश मां है तूमहारी
जहां जीये हो
वो वतन जां है तूमहारी
उसका ब्लोग अब कौन देखेगा क्या अकेले ही देखूं उसे
क्या तूम साथ नही दोगे?
तूम नही ईस देश की रक्षा करोगे तो कोन करेगा?
सीर्फ जीने के लीये आए हो यहां
"आज मेरी बारी तो कर तूमहारी बारी है"
उसका छोटा सा बेटा है करीब 7-8 साल का......
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ये पोस्ट मेरा virodh.blogspot पर भी है।
अब खोलने जा रहा हूं। ई-बे की तरह एक साईट/ क्या ईसे हिन्दी मे खोलूं
अब ये मत कहीयेगा की ई-बे का क्या मूकाबला मै तो सीर्फ एकजामपल दे रहा हुं ताकी आप समझ जाए की कीस तरह की साईट बनाने की बात कर रहा
डर ये है की हिन्दी मे साईट रखने पर सायद चलेगा ही नही।
या फीर साईट ईंगलीस मे हो और उसमे मै हिन्दी लैंगवेज भी डाल दूं। यानी दो भाषा का साईट
पेजरैंक 2 , 17340 विजीटर, और 116 पोस्ट अब तक की मेरी कहानी।
देखीये मेरा ब्लाग कीतना छोटा है एक साल का ही है।
बस एक साल, चू...चू कीतना छोटा ब्लोग हैं। एक साल का बच्चा है :)
क्या आप अपना ब्राउजर बनाना चाहते हैं?
क्या आप अपना OS बनाना चाहते हैं?
तो बताईये फ्री साफ्टवेयर है। और फिर जब फ्री मे हो तो कीस बात की चीनता।
Thursday, September 11, 2008
Flock Browser मै तो ईसका फैन हो गया, ब्लाग के लीये वर्दान,टाईम बचाएगा, ईमेल, कई फंसन
ईसके उप्योगीता बताऊंगा तो दंग रह जाऎंगे।
1. कीसी भी ब्लाग कि पोस्टींग बीना लोगईन कीये, बीना ईंटरनेट के भी लीख स्कते हैं।
2. ये सोसीयल ब्राउजर है। ईसलीये ये हमारे काम का है।
3. फ्लीकर,digg, facebook, pownce, twitter, youtube एक क्लिक पर हैं।
फोटो अपलोडर भी है, एक क्लिक मे सीधे फोटो अप्लोडर आ जाएगा। यानी आपको कीसी भी पेज को खोलने की जरूरत नही सीधे picasa,फोटोबकेट,piczo जैसे साईटों पर अपना फोटो अपलोड करें।
ब्लागींग के लीये ईसमे बहुत कूछ है। मै तो कहता हूं ब्लाग के लीये ये वर्दान है।
आप ब्लोगर, ब्लोगस्म , LiveJournal , टाईपैड, वर्डप्रेस, Xang और सेल्फ होस्टेड ब्लाग मे पोस्टींग कर सक्ते हैं। और ये सब एक क्लिक मे भी है।
ये पोस्टींग मै फ्लोक से ही कर रहा हूं।
एक स्क्रीन साट देख लें
अब देखीये मैने फ्लाक की वजह से ये सीधी लाईन डाल दीया है।
मीडीया स्ट्रीम।
कीसी साईट पर जाते हैं की आज देखता हूं कौन सा नया वीडीयो डला है। और टाईम भी बर्बाद होता है।
ईसमे आप उस साईट को जोड दें। जैसे youtube है। अब आप सर्च पर क्लिक कर के वीडीयो सर्ज कर लें। और आगली बार जब आप मीडीया स्ट्रीम पर क्लिक करेंगे तो youtube के नये नये वीडीयो दीखेंगे।
Feed (फिड)
ईसमे पहले से हि बडी - बडी साईटों के फिड जूडे हैं। और आप अपना भी फिड जोड सक्ते हैं।
मजे वाली बात यह है की आप अपनी साईट को खोलें या कीसी और की। फीर फिड को सेव कर लें और अपने बलाग पर डाल लें। अब आपके ब्लाग पर वो फीड डल गया है और नई नई पोस्टींगे आपको दीखती रहेंगीं।
चीट्ठाजगत,ब्लागवाडी जैसे हिन्दी एग्रीगेटरो को डाल सक्ते हैं।
अपनी दूनीया बनाऎं
जी हां आप ईसमे अपने ब्लाग,साईट फेवरेट साईट के एक पेज बना सक्ते हैं। और जब भी मन कीया My World पर क्लिक कर दें। एक क्लिक मे उस साईट पर चलें जाऎं
Add-ons
मेरा हिन्दीमाजा बन गया। मस्त होमपेज, देखे तो बात बनें
क्या कमी है?
पूरा बन तो गया है बस कूछ कम लींक हैं।
मैने ईसके मेनू बटन पर धयान दीया है। वही तो खूबशूरती बढाए गा।
घोस्ट बस्टर VS रख्शंदा, आप भी लडाई मे सामील होईये, फूल आमंत्रड
और दूसरी तरफ हैं "रख्शंदा जी" कहती हैं कि "कौन लिख रहा है "घोस्ट बटर" के नाम से? :)
मैने ईनकी पोस्टे पढ लीया है और पढने मे बहुत मजा आया। जी हां कहानी की तरह पढता गया। फिर बाद मे उदासी छा गई मन में क्यो की "घोस्ट जी" भी सांत और "रख्शंदा जी" भी सांत पडती दीखाई दे रही थी।
मूझे लगा की लडाई खतम हो गया।
ईस लीये मै आग मे घी डालने आया हूं।
आपको भी आमंत्रन है ईस लडाई मे सामील होने का। जल्दी से Register Now करें। सिट बहुत कम बची हैं।
जो ईस लेख का वीद्रोह करेंगे उन्के बलाग का मै विरोधी पर देख लूंगा।
क्या ब्लागर के विचारो और लेखो को पढ के संतूस्ट नही हो सक्ते?
ब्लाग का मालीक कोई भी हो, यह देखें की वो कैसा लीख रहा है,(मेरे लीखावट को मत देखीये, जन्मो तक ऎसा ही रहेगा)
यही अनूरोध करता हूं की लडाई बंद कर दें, और भवीस्य मे ईसतरह के वीवाद ना हो तो हिन्दी ब्लाग के लीये अच्छा रहेगा।
क्यो की ईंसान पहले तर्क्की करता है और फीर गीरता है तो जमीन भी नही मीलती।
मतलब हिन्दी फैलता जा रहा है और तर्क्की कर रहा है, ईसमे ब्लाग भी सामील हैं।
अब एक मूखय खबर मैने http://www.virodhe.blogspot.com/ बनाया है। एक नई पहल। ईस तरह का साईट नही मीलेगा। (बच के रहीयेगा कहीं आपका ब्लोग मसहूर हूवा तो ये साईट बजाएगा आपकी साईट का बैन्ड।
Tuesday, September 9, 2008
आज लौन्च हो गया GHOST BROWSER ,डाउन्लोड करें।
डाउन्लोड करें GHOST BROWSER(NEW)
आज डाउन्लोड करने के लीये है एक ब्राउजर जीसके कई फीचर्स कीसी भी ब्राउजर मे नही हैं।
अरे भाई ईतना गूस्साते क्यो हो। सच बोल रहा हूं।
Ghost Browser की खासीयत है
1. छीपकर ब्राउजींग करना
2. ब्राउज कर रहें हैं और कोई आ जाए तो उसे पता भी नही चलेगा की आप सर्फींग कर रहे हैं।
3. पोप-अप वींडो को बडा,छोटा,रीसाईज करने की आजादी।4. टूलबार मे कोई नाम नही लीखता है।
5. कही से भी ईसे उठा के कहीं और रख दें। उदाहरण के लीये जब आप नेट चला रहे होते हैं और ब्राउजर फूल वींडो खूला हो तो पहले आप बटन दबा के बाहर नीकलते हैं फीर रीसाईज पर घोस्ट ब्राउजम मे एसा कूछ नही है। आप आराम से उठा के कही और रख दें।
6. गूगल सर्च भी है।
7. ईसे खोलने मे २ सेकेंड भी नही लगता। फास्ट ओपन होता है।
8. बहुत हल्का है। सिर्फ 1.65 mb काजीस्से ईंस्टाल 4 second मे और अनईंस्टाल 2 second में।(प्रूफ)
9. फूल कस्टूमाईज। थीम बना के या लोड कर के बटन जो बदलना है वो बदल दें।10 साफ और सूदर है।
मै ये नही केहता की आप ईसे ही चलाऎं। आप बस ईसे तब भी चला सक्ते हैं जब आप आफीस मे हैं।
या छीप कर नेट चला रहे हों। यानी आप ईसे चलाते समय डर नही रहेगा कीसी का।
सक्रीन साट देखने के लीय आप मेरे पीछले पोस्ट "अब आया घोस्ट ब्राउजर" पर जा के देख सक्ते हैं। या डाउलोड करने के लीये और बहुत सारे स्क्रीन साट देखने के लीये www.hindimaja.com/ghostbrowser पर जा के डाउन्लोड कर सक्ते हैं।
डाउन्लोड करें GHOST BROWSER(NEW)
Free ghost browser download
a new web browser, free download browser, hindimaja launch new web browser,download now
अब आया "Ghost Browser" जीसके कई फंसन कीसी भी ब्राउजर मे नही हैं।(लाभदायक,आसान)

अब आया है "Ghost Browser" जीसके कूछ फंस्न कीसी भी ब्राउजर मे नही मीलेंगे। और ईसे आप चलाऎंगे तो कोई आएगा तो उसे नही पता चलेगा की आपने कोई ब्राउजर चलाया है। या सर्फींग कर रहे हैं।
ईसके कूछ स्क्रीन साट भी दीये हैं। जो की नीचे है।
साईज मात्र 1.63MB है।
आप ईसे क्स्टूमाईज तो नही कर सक्ते पर पूरे कंट्रोल मे रहेगा।
जैसे की
आप फूल वींडो पर क्लिक करते हैं तो आपको बटन दबाकर restore करना पडता है। पर ईसे आप पकडीये और छोटा कर दें। कही से भी उठा के कही भी डालदें। बहुत हलका।

आप जब भी ब्राउज करते हैं तो कई बार चाहते हैं की अगर कोई घर मे या आफीस मे है तो उसे नही पता चले की आप ब्राउजींग कर रहें हैं या नेट पर क्या ऒपन कीया है।

ये आसान सा ओपसन है जीसे आप यूज कर सक्ते हैं। ये सब मे होता है।
ये रहा उसका बडा आईकन [ :) अरे डरीये मत ईतना बडा आईकन डेस्क्टाप पर नही आऎगा]
ईसका सेटप कैसा है। यानी ईंस्टालर?

ईंस्टालर मे भी ये 4-5 second लेता है और uninstall मे तो क्लिक करते ही अनईंस्टाल हो जाएगा।
ईसके कई सारे भी फंसन है जो मैने अभी नही दीये हैं। बहुत टाईम लगेगा ईसलीये छोड दीया।
ईसकी मूख्य वीसेस्ता क्या है?
जब भी आप ब्राउजर खोलते हैं तो कूछ टाईम लेता है लोड होने में और कई बार जल्दी मे होते हैं तब आप ईसे यूज कर सक्ते हैं। क्यो की ईसमे लोड उठाने का कोई सवाल ही नही उठता।
डाउन्लोड कहां से करें?
अभी मैने ईसे बना तो दीया है पर ईसे अपलोड नही कीया है। :) हा हा मैने ही बनाया है। नही वीशवास होता है तो सेटअप वाला स्क्रीन साट देख लें उसमे मेरा नाम है।
अरे लाईसेंस आउनर का नाम है।
मैने क्रीयेटीव कोमन से लाईसेंस बनाया है। लाईसेंस नही बनाता तो डर ही लगता रहता है।
ये ब्राउजर मैने बनाया है और 100% FREE है। और अभी ईसलीये डाउलोड लींक नही दे रहा हूं क्यो की मेरा hindimaja.com का ftp अभी काम नही कर रहा या रात हो गया है ईसलीये अभी अपलोड नही कर सक्ता। सोना जो है। बहुत तेज नींद लग रही है और...... सो गया।
Sunday, September 7, 2008
रतन सिंह शेखावत जी के सवालो के जवाब और हिन्दीमजा(top) पर "5567" क्लिक हूवे
और www.hindimaja.com/topsites पर एह हफ्ते के अंदर 5567 क्लिक हूवे। यानी कि सात दीनो के अंदर छे: हजार वीजीटरों ने क्लिक किये। :) यहीं पर "हाईपरवेब ईनेबल" कि सर्त पूरी हो गई ।
सबूत चाहीये तो आप यहां क्लिक कर के ओभराल स्टेट देख सक्ते हैं। यहां क्लिक करें (नीचे जा कर देख लें)(total pvs)
अब रतन जी के सवाल
उनहोने कमेंट मे कहा था की "हिन्दी मजा साईट तो अपने अच्छी बना दी ब्लोगर साथी अपने ब्लॉग भी जोड़ रहें है लेकिन बीच में अपने एड सही नही लगायी एड साईट से बाहर निकल रही है ठीक करें तब ही हमें एड पर क्लिक करने मजा आएगा और एड पर क्लिक नही होंगे तो पार्टी केसे होगी वेसे भी पार्टी लेने वालों की लाइन लम्बी होती जा रही है:)
रतन जी मैने एड को कई बार ठीक करने की कोशीश की है। और ये स्क्रीपट है .php का जीसे मै ईडीट नही कर पाता हूं। edit तो हो जाता है पर फीर काम करना बंद कर देता है। जैसे आपने अपने साईट http://ratansingh.info/hindiblogs मे एड सबसे उप्पर लगाया है। मेरे खयाल से अब आप अपने ADMIN पैनल से कूछ ईडीट नही कर पाते होंगे। यानी अगर कोई साईट अप्रूव के लीये आया।
और आपने उसे अप्रूव करने के लीये क्लिक कीया तो ऎड्मीनीस्ट्रेटर फीर लागईन करने के लीये पासवर्ड मांगेगा। और एसा बार बार होता रहेगा जब तक आप उस एड को हटाते नही हैं। और वो .php वाला फाईल फीर पहले की तरह नही कर देते।
वैसे मैने आपके ब्लोग पर क्मेंट करने की कोसीस की पर हूवा नही।
अगर आप अपना ऎड मेरी तरह दीखाना चाहते हैं तो जरूर बताऎं(ऎड चाहे छोटा हो या बडा)
आपको भी धन्यवाद!
कीसी भी तरह के स्क्रीपट चाहीये या कोई भी मदद जैसे अगर कोई साईट बनाना हो जीसमे स्क्रीपट डालना पडता हो तो आप मूझसे पूछ सक्ते हैं।
स्क्रीपट "script" फ्री का रहेगा मै बस आपको बताऊंगा की कहां से वो स्क्रीप्ट डाउनलोड कर सक्ते हैं।
और क्या कंफ्यूगरेसन करना है .config
Wednesday, September 3, 2008
अब मै ऎड्ब्राईट से पैसे नीकाल सक्ता हूं। मेरा minimum payout पूरा हो गया
ऎड्ब्राईट मे मेरा 17520 ऎडरीवयू हो चूका है। ये हैरानी की बात है की मेरे ब्लाग पर उतने वीजीटर भी नही आऎं हैं।
ये एड पर क्लिक करने के नंबर नही हैं ये 17520 एड-देने वालो के देखने का आकडा है।
ये आपका ही पैसा है क्यो की मै तो अपने एड पर क्लिक नही करता। हां पर दूसरे ब्लागरो और साईटों के एड पर क्लिक करता रहता हूं। क्यो की कई जगह ये भी एड दीये रहते हैं की "डामेन लें" "ट्रैफीक बढाए" और आदी।
मै तो नेट 60 का ईंतजार कर रहा हूं क्यो की $5 कौन लेता है। ज्यादा से ज्यादा Rs.225 होगा "सही कहा नां।
जब 60 डालर हो जाऎंगे तब नीकालूंगा और 5 डालर ईसलीये नही नीकाल रहा हूं क्यो की आप कहेंगे की क्या कून्नु भाई कमाई भी कीये और कोई पार्टी वार्टी भी नही दीये।
क्या आपको पता है मेरे hindimaja.com/toplinks मे 2 या 3 दीन के अंदर 1000 से ज्यादा क्लिक हूवें हैं और वो भी मेरा साईट ऎकदम नया है
एक ही साईट पर 500 क्लिक(एक दीन में) और सोचीये अगर वो साईट आपका होता तो सोचते की ईटने सारे वीजीटर कहां से आऎं अभी जवाईन करीये - कहीं देर ना हो जाऎ। अपने साईट को एक मंजील दें वो भी टाप 10 लींक में।
आप जानना चाहेंगे की 500 से ज्यादा क्लिक कीस साईट पर हूवे तो बस मेरे साईट पर जो भी नं.१ पर होगा।
और भी जो दूसरे सथान पर है उनपर 175 ईससे नीचे 134 और नीचे चलते जाईये और क्लिक कम होता जाएगा।
अभी अपने साईट को टाप 10 मे डालें यहां क्लिक करें
Tuesday, September 2, 2008
चीट्ठाजगत और बलागवाडी जैसी साईटें बहुत मूस्कील से बनता है। कैसे?
तो मै पहले ही बता देता हूं की ये काम जरा कठीन है।(बहुत कठीन) । आप बेकार के दोस देते रहते हैं की मेरा चीट्ठा ऎग्रीगेटर नही दीखाता या पोस्ट लीखने के ऎक घंटे के बाद दीखाता है। तो जरा ये भी पढ लें।
फीड ऎग्रीगेटर बनाना बहूत मूस्कील काम है। और वो भी हिंन्दी में क्यो की सारी सेटींगे बदलनी पडती है। और जब आपके पोस्ट देर से दीखने लगते हैं तो समझे की ऎग्रीगेटर के कैच फाईल मे कूछ गडबडी चल रही है यानी की वो क्लीयर नही कीया गया है। या बहुत से कारण है। आपके टेम्पलेट मे भी कूछ गलतीयां हो तो ऎसा हो सक्ता है। और आपने जहां अपना फीड बर्न कीया है उस साईट मे कूछ प्रोबलम हो।
आज के बाद मै ऎग्रीगेटरो पर कोई दोस नही लगाऊंगा की मेरा ब्लोग नही दीख रहा है।
क्यो की ऎसी साईटों को बनाना बहुत मूशकील पडता है।
फीड ऎग्रीगेटर साईट बनाने के लीये क्या क्या चाहीये।
http://www.feedjack.org/ ये रहा वो साईट जीससे आप फीड ऎग्रीगेटर के स्क्रीपट डाउनलोड कर के बना सक्ते हैं।
कई सारे साईटो को देखा और पढा है की कैसे बनता और मूझे अभी भी ज्यादा कूछ नही मालूम क्यो की ये एक कोई सजे सजाऎ स्क्रीपट का काम नही है।
बहूत सी जानकारीयां,स्क्रीपट लगता है।
जरूरतें?
1. पाईथोन
2. Django
3. Feedparser
अब आप पर नीर्भर करता है की आप कौन सा फीड ऎग्रीगेटर डाउनलोड कर रहे हैं।
ये सब डाउन्लोड करने से पहले खूब खोच खबर ले लें की कैसे बनता है। क्या आपका डोमेन ईन सब को सपोर्ट करता है।
मैने तो थक हार कर ईसे बनाना ही छोड दीया है। सारे स्क्रीपट हैं।
पर फीर भी अब ईसे बनाने का सोचूंगा भी नही।







