सायद उस समय कमेंट पढने के लीये मेरे पास ईंटरनेट कनेक्शन नही हो।
मै कीसी के लीये सायद आसा और कीसी के लीये निराशा हूं...
दूखी हो के नही जा रहा हूं। और ना ही अपने मन से।
वापस आने का रास्ता है। पर अभी तो नही लगता की चाह के भी वापस आ सकूंगा..
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